Sachi bhakti se moksh aasan hai
जगन्नाथ मंदिर में मूर्तिपूजा नहीं होती है, मूर्तियां केवल दर्शनार्थ रखी गई हैं। और हिंदुस्तान का जगन्नाथ मंदिर ही एक ऐसा मंदिर है जिसमें किसी भी प्रकार की छुआछात नहीं होती है। लेकिन जगन्नाथ मंदिर में जाने से मुक्ति पाना आसान नहीं है परन्तु आत्म कल्याण तो यानी की मोक्ष तो केवल पवित्र गीता जी व पवित्रा वेदों में वर्णित तथा पूर्ण गुरु के द्वारा बताई गई सत भक्ति से ही मोक्ष मिल पाना आसान यजुर्वेद अध्याय 19 मन्त्र 25 के अनुसार तत्वदर्शी संत वह होता है जो वेदों के सांकेतिक शब्दों को पूर्ण विस्तार से वर्णन करता है जिससे पूर्ण परमात्मा की प्राप्ति होती है। ऐसा केवल संत रामपाल जी महाराज ही जो कि पवित्र वेदों के अनुसार साधना करवा रहे हैं संत रामपाल जी महाराज के द्वारा दिए तत्वज्ञान के अनुसार भक्ति साधना करने मात्र से ही सम्भव है, अन्यथा शास्त्र विरुद्ध होने से मानव जीवन व्यर्थ हो जाएगा। आज वर्तमान सच्ची भक्ति केवल संत रामपाल जी महाराज ही कबीर परमेश्वर के द्वारा दिए गए दिए गए तत्वज्ञान वह पवित्र वेदों तथा गीता जी के अनुसार शास्त्र अनुकूल साधना करवा रहे हैं जिससे मुक्त...